डिप्रेशन से कैसे बचे ? Depression se kaise bache

डिप्रेशन से कैसे बचे ? Depression se kaise bache
डिप्रेशन से कैसे बचे ? Depression se kaise bach

कई बार हम जीवन से हार जाते हैं, और कुछ ऐसा निर्णय ले लेते हैं जिससे हमें तो कोई फायदा होता नहीं है। लेकिन हमारे आसपास के लोगों का बहुत नुकसान हो जाता है। सबसे ज्यादा नुकसान उनका होता है जो आपसे बेइंतहा मोहब्बत करते हैं। अभी प्रश्न यह है कि हम जीवन में ऐसा निर्णय क्यों लेते है? क्या वह कारण है जिसके वजह से हम अपने जीवन में खुद को खतम करने का भी निर्णय ले लेते हैं।

डिप्रेशन से कैसे बचे? Depression se kaise bache

जीवन में बहुत बार ऐसा होता है जब हम लोग अकेले पड़ जाते हैं। बात करने के लिए आसपास कोई होता ही नहीं है। और इस बीच आप क्या करें? यह सोचते सोचते आप डिप्रेशन में चले जाते हैं। और डिप्रेशन सेही निकल आता है आपका वह गंदी निर्णय।
जीवन में आप अकेले कियू पड़ जाते है?
अभी हम लोग यह प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहे थे, की हम जीवन में ऐसा निर्णय क्यों लेते हैं? इस प्रश्न का उत्तर देते देते हमारे सामने और एक प्रश्न हाजिर हो गया। प्रश्न यह है कि, हम जीवन में अकेले ही क्यों पड़ जाते हैं? आप जीवन में अकेले पड़ जाते हैं इसके लिए एक बहुत बड़ा हाथ तो आपका है ही साथ ही साथ आपके आसपास के लोग भी आपके बहुत मदद भी करते हैं।
खुद को एकांत कर लेना और डिप्रेशन में चले जाना इसके पीछे आपका इतना बड़ा हाथ है कि आप सोच भी नहीं सकते। पहली बात तो यह है कि डिप्रेशन आता कहां से है? डिप्रेशन आता  वहीं से है जहां पर आप खुद को भूल जाते हैं। आप अपना लक्ष्य को भूल जाते हैं। आप जिंदगी के उस मोड़ से डिप्रेशन में चले जाते हैं। जहां से आप भूल जाते हैं आपके जिंदगी का भी कोई मकसद है। भगवान ने आपको ऐसे ही दुनिया में नहीं भेजा। कुछ काम है जिसे आपको जरूर पूरा करना है।
आप जीवन में अकेले कियू पड़ जाते है? जब आप जिंदगी में दूसरे से कुछ हटके करना चाहते है तभी आप जीवन में अकेले पढ़ जाते है। जब्बी आप जीवन में समाज से थोड़ा हटकर कुछ करना चाहते है। तभी समाज आपको एक कोने में धकेल देता है। ओर आप सोचते है की आपसे कुछ होने वाला नहीं है। ओर आप अपना जीवन एकांत में काटना सुरु कर देते है। आपके ऊपर समाज का इतना दबाव पड़ जाता है कि आपको अपने भी ग्यर दिखाई देते है। ओर आप उनसे भी दूरी बनाए रखते है।
अन्तिम में एक अयसा समय आता है जब आपके अपने भी आपके इन हरकतों के बजा से थक जाते है। ओर आपको आपकी हालत में छोड़ देते है। पर आपको लगता है कि आपसे कोही मुहब्बत नहीं करता। पर आप इए नहीं सोचते कि आपके इन हरकतों के बजा से उन्हें कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ा।
हमने आपको कुछ प्रैक्टिकल बात बताए है। जो कि आपके जीवन से हूबहू मिल जाता है। तो अभी आप ही हमें बताइए आपके 
केया आप चाहते है आपके लिए आपसे जो लोग बहुत प्यार करते है उन्हें दुख पहुंचना। या फिर नहीं। भगवान ने आपको दुनिया देखने का मौका दिया है। तो भाई इस दुनिया को जी भर के देखो। हर कोही कुछ मकसद के लिए दुनिया में आता हाय, कुछ लक्ष को हासिल करने के लिए दुनिया में आते है। ओर आपभी आए है। अभी सिर्फ आपको इए प्रश्न खुद से पूछना है आपका लक्ष केया है? अगर आप इए सबाल का उत्तर ढूंढ लेते है तो आप कभी भी डिप्रेशन में नहीं जाएंगे। कभी भी अकेले नहीं रहेंगे।
लक्ष पूरा करने के वक़्त आपके पास से बहुत लोग दुरिया बनाने लगेंगे। लोग तरा तरा के बात करेंगे। पर आपको उन बातो पे ध्यान नहीं देना है। कीउकी कुछ तो लोग कहेंगे, लोगो का काम है कहना।
तो जबतक आप अपना लक्ष्य पूरा ना करले आप पीछे मत देखिए। कियकी जब आप पीछे मुरेंगे तभी आप अपना लक्ष से एक कदम पीछे आना सुरु कर देंगे। ओर आप जीवन का एक एसा रसातल में डूब जाएंगे जहां से निकल आना नामुमकिन सा हो जाता है।

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